Thursday, January 18, 2018

Computer Input Device | कंप्यूटर की इनपुट डिवाइसों का ज्ञान

कंप्यूटर एक मशीन है जो अलग अलग युक्तियों से मिलकर बनी होती है। कंप्यूटर के भागों की जानकारी पढ़कर आप जान सकते हैं की कंप्यूटर को डाटा प्रदान करने के लिए इनपुट डिवाइस की जरुरत होती है। कंप्यूटर मशीन को दिए निर्देश machine language में होते हैं जिन्हें user समझ नहीं पाता। इसीलिए user की सहायता के लिए आसानी से इस्तेमाल होने वाली युक्तियों का निर्माण किया गया था।

कंप्यूटर इनपुट युक्तियाँ | Computer Data Input Device

कंप्यूटर में निर्देशों अथवा डाटा प्रदान करने के लिए user को जिन युक्तियों (device) की सहायता लेनी पड़ती है उन्हें इनपुट डिवाइस कहते हैं। अर्थातः जिन उपकरणों का प्रयोग कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए किया जाता है वो इनपुट डिवाइस होते हैं। कुछ प्रमुखः इनपुट डिवाइस की जानकारी निम्न है : 

Keyboard - कीबोर्ड

कंप्यूटर कीबोर्ड सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले इनपुट डिवाइस में से एक है जिसके द्वारा संख्या (numbers), अक्षर (alphabets), और विशेष करैक्टर (special characters) को कंप्यूटर में इनपुट किया जाता है। कीबोर्ड का प्रयोग कंप्यूटर में सुचना text रूप में टाइप या इनपुट करने के लिया किया जाता है। सामान्यतः कंप्यूटर कीबोर्ड में 101 से लेकर 108 तक बटन (keys) होती हैं। जिन्हें दबाकर टाइप अक्षर टाइप अथवा विशेष कमांड दे सकते हैं। कीबोर्ड में alphabetic keys (a-z), numeric keys (0-9), editing keys (alt ctrl shift), command keys (del, pgup, arrow, home, caps lock) तथा function keys (f1-f12) मुख्य keys होती हैं।

Mouse - माउस

कंप्यूटर के संचालन के लिए प्रयुक्त होने वाला दूसरा सबसे महत्वपूर्ण उपकरण माउस भी एक इनपुट डिवाइस है। इसका आकार चूहे के सामान होने के कारण इसे माउस कहा जाता है | माउस की मदद से कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाले पॉइंटर की गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता है। माउस में सामान्यतः दो बटन right click तथा left click होते हैं। जिनकी सहायता से स्क्रीन पर किसी भी मेनू का चुनाव किया जा सकता है। माउस के दोनों बटनों के बीच में स्क्रॉल व्हील (scroll wheel) भी होता है जिसका प्रयोग स्क्रीन की स्थिती को सरकाने के लिए किया जाता है। माउस के लेफ्ट बटन को एक बार दबाने (single click) से किसी भी ऑब्जेक्ट को सेलेक्ट किया जाता है। उसी बटन को लगातार दो बार दबाने (double click) से ऑब्जेक्ट को open किया जा सकता है। माउस के राइट बटन (right click) को दबाने से किसी object के context menu (सामान्य ऑप्शन) का चुनाव किया जाता है।
input device unit computer gyan image
computer input device unit 

Touch Pad : Touch Screen - (टच स्क्रीन)

आजकल अधिकांश लैपटॉप कम्प्यूटर्स में एक टच पैड पोइटिंग डिवाइस होती है। user टच पैड की सतह पर उंगली को फिराकर या फिसला कर स्क्रीन पर कर्सर को एक जगह से दूसरी जगह मूव करते हैं। टच पैड के निचे लेफ्ट क्लिक तथा राइट क्लिक के बटन लगे होते हैं।
टच स्क्रीन एक ऐसी स्क्रीन होती है जिसमें यूजर स्क्रीन के विभिन्न भागों को उंगलियों से स्पर्श करके मेनू तथा ऑब्जेक्ट का चुनाव कर सकता है। कई एटीएम मशीनों तथा मोबाइल फ़ोन में टच स्क्रीन लगी होती है, ताकि user आसानी से इसका इस्तेमाल कर सके। आजकल कई लैपटॉप तथा कंप्यूटर में भी टच स्क्रीन आने लगी है।

Scanner (स्कैनर)

यह भी एक इनपुट डिवाइस है जिसकी मदद से किसी भी कागज पर लिखी हुई सामग्री को कंप्यूटर में एक फाइल के रूप में सेव कर सकते हैं। इस फाइल को उस कागज की soft copy कहते हैं। इस फाइल को हम e-mail द्वारा कहीं भी भेज सकते हैं। अर्थातः स्कैनर किसी भी मुद्रित पृष्ठ (printed paper) का डिजिटलीकरण करता है, उसको छोटे-छोटे पिक्सल वाली इमेज में परिवर्तित करके कम्प्यूटर में संचारित (transmit) करता है। स्कैनर लेज़र तकनीक के द्वारा सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में बदलता है। 

MICR (मैग्नेटिक इंक करैक्टर रिकग्निशन)

मैग्नेटिक इंक करैक्टर रिकग्निशन एक करैक्टर को पहचानने की तकनीक है जो मुख्य रूप से बैंकिंग उद्योग द्वारा प्रोसेसिंग को कम करने तथा चेक और अन्य दस्तावेजों की क्लीयरिंग करने के काम आती है। यह एमआईसीआर कोड करैक्टर को डिजिटल डाटा में बदल देता है जो कंप्यूटर समझ सकता है। 

OMR (ऑप्टिकल मार्क रीडर)

यह एक विशेष स्कैनर है जो पेन या पेंसिल से किये गए निशान की पूर्व निर्धारित प्रकार की पहचान करने के लिए उपयोग होता है। उदहारण के तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयोग की जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को OMR द्वारा जाँचा जाता है। 

OCR (ऑप्टिकल करैक्टर रिकग्निशन)

ऑप्टिकल करैक्टर रिकग्निशन OCR machine एनकोडेड फॉर्म में इमेजेज, प्रिंटेड या हस्तलिखित टेक्स्ट का इलेक्ट्रॉनिक रूपान्तरण करता है। यह व्यापक रूप से स्वचालित डाटा एंट्री के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जैसे OCR use करके प्रिंटेड पेपर डाटा रिकार्ड्स, पासपोर्ट दस्तावेजों, बैंक चालान, बैंक स्टेटमेंट, कंप्यूटरीकृत रसीदें, बिज़नेस कार्ड आदि के डाटा को स्कैन करके डिजिटल फॉर्म में परिवर्तित कर सकते हैं। 

Bar Code Reader (बार कोड रीडर)

बार कोड एक वस्तु को मशीन द्वारा विशिष्ट रूप से पहचानने का एक तरीका है। हर ऑब्जेक्ट को एक विशेष कोड दिया जाता है जिसे एक मशीन के द्वारा पढ़ा जाता है। बार कोड लंबवत लाइनों से मिलकर बना होता है जिसे बार कोड रीडर द्वारा कंप्यूटर में पहचाना जाता है। 

Microphone (स्पीच रिकग्निशन डिवाइस)

माइक्रोफोन एक इनपुट डिवाइस है जिसका इस्तेमाल ऑडियो डाटा को कंप्यूटर में इनपुट के लिए किया जाता है। यह एक वायर के द्वारा कंप्यूटर से जुड़ा होता है जिसमें एक माउथपीस जैसी डिवाइस को ऑडियो कैप्चर करने के लिए उपयोग किया जाता है। माइक्रोफोन को आम बोलचाल की भाषा में माइक (Mic) भी कहते हैं जो आवाज रिकॉर्ड करने के काम आता है।
उपरोक्त डिवाइस के अलावा और भी कई प्रकार की इनपुट डिवाइस होती हैं जैसे - वेबकैम के द्वारा फोटो खींचना, जॉयस्टिक गेम खेलने के लिए, ट्रैक पॉइंट, ग्राफ़िक्स टैबलेट चित्रकारी करने के लिए इत्यादि। 

Wednesday, January 10, 2018

Computer Hardware and Software Explanation in Hindi

आप जानते हैं की कंप्यूटर एक मशीन है और आपने कंप्यूटर के भाग की जानकारी भी पढ़ी है | जिससे आप जान चुके हैं की कंप्यूटर में सिस्टम और डिवाइस मिलकर कार्य करते हैं | किसी भी निर्देश या डाटा देने अथवा लेने के लिए भौतिक युक्तियों की आवश्यकता होती है तथा उन्हीं निर्देशों को कंप्यूटर सिस्टम अपनी भाषा (machine language) में बदल कर संसाधित (processing) करता है | डाटा प्रोसेसिंग के लिए कुछ प्रोग्राम की भी जरुरत होती है जिनकी सहायता से सटीक परिणाम प्राप्त होते हैं | आगे की जानकारी इन्हीं प्रोग्राम और युक्तियों के वर्गीकरण से सम्बंधित है |

Computer Hardware - कंप्यूटर हार्डवेयर

Hardware एक सामान्य शब्द है जोकि कंप्यूटर प्रणाली के किसी भी घटक (component) की भौतिक उपस्थिति का वर्णन करने के लिया किया जाता है तथा जिसे छुआ जा सके | कंप्यूटर सिस्टम जिन भौतिक भागों से मिलकर बना होता है उन्हें हार्डवेयर कहते हैं | अर्थातः कंप्यूटर सिस्टम की सभी इनपुट व आउटपुट डिवाइस, प्रोसेसर, स्टोरेज डिवाइस हार्डवेयर कहलाती हैं | इसमें कंप्यूटर केस, मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस भी शामिल है | इन सब चीजों को हम छूकर तथा भौतिक रूप में महसूस कर सकते हैं |
कंप्यूटर की गति एवं क्षमता हार्डवेयर पर ही निर्भर करती है | जैसे आपके कंप्यूटर का प्रोसेसर अधिक शक्तिशाली है, और RAM memory भी ज्यादा है तो कंप्यूटर की speed भी ज्यादा होगी | अगर हार्डडिस्क की क्षमता ज्यादा है तो कंप्यूटर की संग्रहण क्षमता भी ज्यादा होगी |
computer hardware and software in hindi image
कंप्यूटर हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर 

Computer Software - कंप्यूटर सॉफ्टवेयर 

हम कंप्यूटर की मदद से विभिन्न प्रकार के कार्यों को संपन्न कर सकते हैं | असल में सभी प्रक्रियाएँ सॉफ्टवेयर की मदद से की जाती है जो किसी एक सेकेंडरी मेमोरी में संग्रहित होते हैं | सॉफ्टवेयर कंप्यूटर प्रोग्रामों का एक समूह होता है जो किसी विशेष कार्य हेतु बनाये जाते हैं | एक प्रोग्राम बस निर्देशों का एक समूह होता है जो किसी विशेष प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे जाते हैं | अर्थातः सॉफ्टवेयर उन प्रोग्रामों का संग्रह है जो कंप्यूटर हार्डवेयर की शक्तियों को बढ़ाता है | computer software भी अनेक प्रकार के होते हैं, जिनका कार्य अलग-अलग होता है | कुछ सॉफ्टवेयर user की सहायता अथवा विशेष उपयोगी कार्यों के लिए बनाये जाते हैं | कुछ सॉफ्टवेयर खुद कंप्यूटर के लिए बनाये जाते हैं | 
मूल रूप से सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते हैं -
1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)

System Software : सिस्टम सॉफ्टवेयर 

सिस्टम सॉफ्टवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेर है  पहले user से सुचना का आदान-प्रदान करता है और फिर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के साथ काम करता है | सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को अपने आंतरिक संसाधनों का management करने में मदद करता है | सिस्टम सॉफ्टवेयर खुद कंप्यूटर के लिए बनाये जाते हैं | सिस्टम सॉफ्टवेयर सिर्फ एक प्रोग्राम नहीं है, बल्कि कई प्रोग्रामों का समूह है |
सिस्टम सॉफ्टवेयर के प्रकार :
  • operating system (ऑपरेटिंग सिस्टम) : ऑपरेटिंग सिस्टम वह सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर संसाधनों का प्रबंधन करता है तथा उनके बीच तालमेल बनाता है | यह कंप्यूटर और user के बीच एक इंटरफ़ेस प्रदान करता है | कंप्यूटर पर सबसे प्रचलित ऑपरेटिंग सिस्टम : Windows, Linux, Unix, MAC इत्यादि हैं | 
  • utilities software (यूटिलिटी सॉफ्टवेयर) : यूटिलिटीज विभिन्न प्रकार की सेवाएँ हैं जो की ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा प्रदान की जाती है | यूटिलिटीज जैसे डिस्क फ्रेगमेंटर, डिस्क क्लीनअप, डिस्क मैनेजमेंट इत्यादि उपयोगी सॉफ्टवेयर होते हैं | 
  • device driver (डिवाइस ड्राइवर) : ड्राइवर एक विशेष प्रकार के प्रोग्राम होते हैं जो अन्य इनपुट और आउटपुट डिवाइस को बाकि की कंप्यूटर प्रणाली के साथ जोड़ने का काम करते हैं | जैसे ऑडियो ड्राइवर, प्रिंटर ड्राइवर, डिस्प्ले ड्राइवर इत्यादि | 
  • server (सर्वर) : सर्वर की आवश्यकता तब पड़ती है जब अलग-अलग यूजर द्वारा किये गए अनुरोधों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोग्राम को रन करने की जरुरत पड़ती है | 
एक सॉफ्टवेयर सूट एप्लीकेशन सॉफ्टवेयरों का एक समूह है जो सम्बंधित फंक्शनलिटी के लिए बना होता है |  उदहारण के लिए ऑफिस सॉफ्टवेयर सूट में वर्ड प्रोसेसिंग, स्प्रेडशीट, डेटाबेस इत्यादि कार्य किये जा सकते हैं 

Application Software : एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर वो सॉफ्टवेयर है जो विशेष रूप से user के लिए तैयार किये जाते हैं, इनको end user प्रोग्राम भी कहते हैं | कुछ प्रोग्राम जैसे वर्ड प्रोसेसर, वेब ब्राउज़र, एक्सेल एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की श्रेणी में आते हैं | इन प्रोग्रामों को बेसिक या स्पेशल एप्लीकेशन के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है |

बेसिक एप्लीकेशन 

इन एप्लीकेशन को व्यापक रूप से जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है |  व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा विज्ञान, बैंकिंग, इंडस्ट्रीज इत्यादि |  एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग अनेक कामों के लिए कर सकते हैं जैसे सन्देश भेजने, दस्तावेज तैयार करने, स्प्रेडशीट बनाने, डेटाबेस, ऑनलाइन शॉपिंग आदि | एप्लीकेशन इस तरह से तैयार किये जाते हैं जिससे user के लिए काम करना बेहद आसान हो जाता  है | 

स्पेशल एप्लीकेशन 

इसमें हजारों अन्य प्रोग्राम हैं जोकि विशिष्ट विषयों और व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करते हैं | जैसे ग्रापिक्स के लिए फोटोशॉप, ऑडियो के लिए virtual dj, विडिओ के लिए movie maker, मल्टीमीडिया के लिए vlc, वेब लेखन के लिए blogger इत्यादि | 

Hardware vs Software : Comparison 

Hardware
Software
Definition
Devices that are required to store and execute the software and are physically present
Collection of instructions that enables a user to interact with the computer. Software is a program that enables a computer to perform a specific task using hardware
Types
Input device, storage device, processing unit , control unit and output devices.
System software, Programming software, and Application software, Utility Software
Examples
Monitor, printer, keyboard, scanners and mouse
MS word, Ms Excel, photoshop, notepad
Inter dependency
Hardware starts functioning once software is loaded.
To deliver its set of instructions, Software is installed on hardware.
Failure
Hardware failure is random. Hardware does have increasing failure at the last stage.
Software failure is systematic. Software does not have an increasing failure rate.
Durability
Hardware wears out over time.
Software does not wear out over time. However, bugs are discovered in software as time passes.
Nature
Hardware is physical in nature.
Software is logical in nature.

Monday, January 8, 2018

Components of Computer with CPU | कंप्यूटर के भाग एवं CPU

सामान्यतः कंप्यूटर को एक मशीन माना जाता है, किन्तु एक मशीन भी अनेकों प्रकार के अलग-अलग यंत्रों द्वारा मिलकर बनी होती है | इसी तरह कंप्यूटर मशीन भी अनेक युक्तियों से मिलकर बनी होती है | जिन्हें आम भाषा में कंप्यूटर के भाग कहते हैं | आज के समय में ज्यादातर इस्तेमाल जिस कंप्यूटर का किया जाता है उसे पर्सनल कंप्यूटर अथवा PC कहते हैं | PC में लगने वाला प्रमुख भाग (component) जिसे माइक्रोप्रोसेसर कहते हैं, उसके नाम और ब्रांड के आधार पर कंप्यूटर को पेंटियम, पेंटियम 4, Dual Core, AMD, Celeron, Intel (i3, i5, i7) इत्यादि नाम से जाना जाता है |

कंप्यूटर तंत्र की इकाईयां | (Units of Computer System)

वैसे तो आम भाषा में कंप्यूटर के चार भाग माने जाते हैं, कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर तथा CPU | किन्तु ये केवल भौतिक भाग होते हैं | सैद्धांतिक तौर पर कंप्यूटर तंत्र की मुख्य तीन इकाईयां होती हैं :
1. सिस्टम यूनिट - System Unit
2. इनपुट यूनिट - Input Unit
3. आउटपुट यूनिट - Output Unit
इन तीनों इकाईयों का विवरण आगे पेश है | इन तीन इकाईयों से मिलकर ही कंप्यूटर का निर्माण होता है | कंप्यूटर में निर्देशों की गणना करके परिणाम देने के लिए इन तीनों इकाईयों की जरुरत पड़ती है | 
components of computer
 कंप्यूटर के भाग 

System Unit (सिस्टम यूनिट)

यह कंप्यूटर का मुख्य भाग होता है, जिसमें केंद्रीय संसाधन इकाई (Central Processing Unit) अथवा सीपीयू CPU होता है | भौतिक रूप में सिस्टम यूनिट एक बॉक्स होता है, जिसमें CPU के अलावा कंप्यूटर की कई अन्य युक्तियाँ (devices) तथा परिपथ (circuit) लगे होते हैं | जो एक मुख्य परिपथ पटल या मदर बोर्ड (Mother Board) पर लगे होते हैं | जिनमें अनेकों प्रकार के circuit, micro processor, cable ports और भी बहुत सारे जरुरी parts होते हैं | कंप्यूटर को जो इनपुट या डाटा दिया जाता है उसकी processing CPU में होती है | जितनी ज्यादा क्षमता CPU की होती है उतनी ही जल्दी डाटा प्रोसेस होता है speed भी ज्यादा होती है | 

Input Unit (इनपुट यूनिट)

कंप्यूटर एक मशीन है जिसमें user इच्छित कार्य करने के लिए निर्देश अथवा डाटा प्रदान करता है, जिसको इनपुट कहते हैं | इनपुट प्रदान करने के लिए user को युक्तियों (device) की जरुरत पड़ती है | इसके लिए बहुत सारे device उपलब्ध होते हैं, जैसे कीबोर्ड, माउस, कैमरा, स्कैनर, माइक इत्यादि | इन device के संग्रह को ही इनपुट यूनिट कहा जाता है | इनपुट डिवाइस मिलकर ही इनपुट यूनिट बनाते हैं। 

Output Unit (आउटपुट यूनिट)

कंप्यूटर user द्वारा दिए गए डाटा अथवा निर्देशों की गणना CPU के माध्यम से करता है तथा वापस परिणाम के रूप में user को आउटपुट प्रदान करता है | आउटपुट देने के लिए भी अनेक युक्तियों का प्रयोग किया जाता है, जैसे मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर इत्यादि | इन्हीं युक्तियों का समूह आउटपुट यूनिट अथवा निर्गम इकाई कहलाता है | 

Central Processing Unit : CPU (केन्द्रीय संसाधन इकाई)

CPU कंप्यूटर का दिमाग होता है | यह निर्देशों का क्रियान्वयन (execution) करने के लिए उन्हें पढ़ता है, व्याख्या करता है, नियन्त्रण (control) करता है और संगणना (calculation) करता है | वास्तव में user कंप्यूटर को जो भी निर्देश देता है वो पहले CPU में जाता है फिर मॉनिटर पर दिखाई देता है | सीपीयू कंप्यूटर के शेष सभी भागों जैसे - मैमोरी, इनपुट, आउटपुट डिवाइस आदि के कार्यों पर नियन्त्रण रखता है और उनसे कार्य करवाता है | प्रोग्राम डाटा इसके नियंत्रण में मैमोरी में संग्रहित होते हैं | CPU लाखों-करोड़ों गणनाएं सेकंडों में कर सकता है |
CPU को तीन भागों में बांटा जाता है |
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CPU components 

Control Unit (नियन्त्रण इकाई)

सी.यू. कंट्रोल यूनिट CPU का महत्वपूर्ण भाग होता है | नाम के अनुरूप यह कंप्यूटर की सूचनाओं के आदान-प्रदान पर तथा कंप्यूटर के अन्य उपकरणों पर पूरा नियन्त्रण रखता है | 

Arithmetic Logical Unit  : ALU (अंकगणितीय तार्किक इकाई)

यह यूनिट अंकगणितीय क्रियाएं तथा तार्किक क्रियाएं (logical operations) करती है | अंक गणितीय क्रियाओं में जोड़, बाकि, गुणा, भाग सम्मिलित है | 

Memory | Storage Unit (संग्रहण इकाई)

कंप्यूटर की मैमोरी वह इलेक्ट्रॉनिक स्थान है जहाँ डाटा, सुचना, निर्देश और प्रोग्राम संग्रहित रहते हैं और आवश्यकता होने पर तत्काल उपलब्ध हो सकते हैं | मैमोरी कंप्यूटर का आवश्यक भाग है, जिसके बिना कंप्यूटर कार्य नहीं कर सकता है |
मैमोरी को मुख्य दो भागों में विभाजित किया जाता है : 1. main memory 2. external memory

Saturday, January 6, 2018

Evolution of Computer and Generation | कंप्यूटर की पीढ़ियां एवं विकास

Computer Gyan में आपका स्वागत है | पिछली पोस्ट में आपने कंप्यूटर का परिचय जाना | कंप्यूटर के उपयोग की भी जानकारी आपने पढ़ी | आज के इस लेख में हम कंप्यूटर का विकास अथवा कंप्यूटर की पीढ़ियों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे | Computer Evolution अथवा Computer Generation से तात्पर्य कंप्यूटर के अविष्कार से लेकर आज तक कितने परिवर्तन हो चुके हैं अथवा कंप्यूटर के प्रकार कितनी प्रगति कर चुके हैं | कंप्यूटर का अविष्कार Charles Babbage (चार्ल्स बैबेज) द्वारा वर्ष 1936-1938 में किया गया था | तब से लेकर आज तक कंप्यूटर का ढांचा बहुत बार बदल चूका है |

कंप्यूटर का विकास : Evolution of Computer

आधुनिक कंप्यूटर पिछले कई वर्षों में अनेक व्यक्तियों द्वारा किये गए अनगिनत अविष्कारों, विचारों तथा विकास का समन्वित परिणाम है | गणना के लिए सर्वप्रथम उपयोग में आने वाला उपकरण 'एबेकस' (Abacus) का अविष्कार चीन में हुआ | 17वीं शताब्दी के प्रारम्भ में स्कॉटलैंड के गणितज्ञ जॉन नेपियर (John Nepiyar) ने लघुगणक (Logarithm) बनाया तथा बाद में 'नेपियर्स बोन्स' नामक गणना करने वाली एक ऐसी युक्ति बनाई जो बड़ी-बड़ी तथा दशमलव वाली संख्याओं का आसानी से गुणा कर सकती थी | 1642 में 'ब्लेज पास्कल' ने विश्व का पहला यांत्रिक कैलकुलेटर (World's first mechanical Calculator) बनाया जो दशमलव प्रणाली की जोड़-बाकि कर सकता था | इसे 'पास्कलाइन' Pascaline नाम दिया गया | आधुनिक कंप्यूटर का अविष्कार करने वाले चार्ल्स बैबेज थे | इन्हें कंप्यूटर का जनक (Father of Computer) भी कहा जाता है |
computer generation | computer gyan images
Computer Generation 

कंप्यूटर की पीढ़ियां : Computer Generation 

कंप्यूटर के विकास क्रम को पांच पीढ़ियों में विभक्त किया गया है | हर पीढ़ी के कम्प्यूटरों को उनके द्वारा उपयोग में ली जाने वाली तकनीक के आधार पर परिभाषित किया गया है | समय गुजरने के साथ-साथ नए प्रौद्योगिकी नवाचारों ने जगह ली है और हर बढ़ती पीढ़ी के साथ कंप्यूटर की दक्षता में वृद्धि हुई है तथा प्रोसेसिंग लागत में भी कमी आयी है | 

प्रथम पीढ़ी | First Generation Computers (1942 to 1955)

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) एवं डाटा भण्डारण के लिए चुंबकीय ड्रम का इस्तेमाल किया जाता था |उनका आकार काफी बड़ा होता था, यहाँ तक की उन्हें रखने के लिए एक बड़े कमरे की आवश्यकता होती थी | वे बहुत महंगे थे, गर्मी का उत्सर्जन अत्यधिक था, जिसकी वजह से उन्हें ठंडा करना बहुत जरुरी होता था और साथ ही उनका रखरखाव करना भी बहुत कठिन था | प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए मशीन भाषा Machine Language का प्रयोग किया जाता था | पहली पीढ़ी के कंप्यूटर को इनपुट पंच कार्ड Punch Card और कागज टेप द्वारा दिया जाता था |
ENIAC, UNIVAC तथा IBM का Mark-1 पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण हैं | 

दूसरी पीढ़ी | Second Generation Computers (1956 to 1964)

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप में वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर Transistors का इस्तेमाल किया गया जाने लगा | ट्रांजिस्टर वैक्यूम ट्यूब की तुलना में अधिक कुशल, तेज, छोटे और कम ऊर्जा की खपत करने वाले थे | दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर पहली पीढ़ी के मुकाबले अधिक सस्ते और विश्वसनीय थे | इस पीढ़ी में चुंबकीय कोर प्राइमरी मेमोरी और चुंबकीय टेप (Magnetic Tape) एवं चुंबकीय डिस्क सेकंडरी भण्डारण (Secondary Magnetic Disk Storage) उपकरणों का प्रयोग किया गया था | सॉफ्टवेयर में कोबोल (COBOL - Common Business Oriented Language) और फोरट्रान (FORTRAN) जैसी उच्च स्तरीय भाषाओँ (High Level Language) का विकास IBM द्वारा किया गया | जिससे प्रोग्राम लिखना आसान हुआ |
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Evolution of Computer 

तीसरी पीढ़ी | Third Generation Computers (1965 to 1975)

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर की जगह पर इंटीग्रेटेड सर्किट (Integrated Circuit) का प्रयोग शुरू हुआ | जिसमें सैकड़ों इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे - ट्रांजिस्टर, प्रतिरोधक और कैपेसिटर सभी एक पतली चिप पर बने होते हैं | जिसके कारण कम्प्यूटर का आकार और छोटा और हल्का हो गया | आधुनिक मोबाइल और लैपटॉप भी ICs के कारण हलके और छोटे होते हैं | तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर हल्के, काम खर्चीले तथा तीव्र थे और अधिक विश्वसनीय थे | इस पीढ़ी के कंप्यूटर द्वारा इनपुट और आउटपुट के लिए कीबोर्ड और मॉनिटर का इस्तेमाल किया जाने लगा था | ऑपरेटिंग सिस्टम (OS - Operating System) की अवधारणा भी इसी समय पेश की गई | इस पीढ़ी में समय साझा (Time Sharing), और बहु प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi Programming Operating System) की अवधारणा को भी पेश किया गया था | उच्च स्तरीय भाषाओँ में PL-1, PASCAL, तथा BASIC का विकास हुआ | 

चतुर्थ पीढ़ी | Fourth Generation Computers (1975 to 1988)

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर Micro Processor की शुरुआत हुई जिनमें हजारों ICs एक सिलिकॉन चिप Silicon Chip पर निर्मित की जा सकती थी | इस पीढ़ी के कंप्यूटर बहुत बड़े पैमाने पर VLSI तकनीक का इस्तेमाल किया करते थे | चुंबकीय डिस्क और टेप का स्थान अर्द्धचालक (Semiconductor) मेमोरी ने ले लिया | RAM (Random Access Memory) की क्षमता में वृद्धि से कार्य अत्यंत तीव्र गति से होने लगा | सिलिकॉन चिप की वजह से छोटे आकार के कंप्यूटर का जन्म हुआ, जिसे डेस्कटॉप कंप्यूटर या पर्सनल कंप्यूटर (Desktop / Personal Computer) नाम दिया गया | इस पीढ़ी में Time Sharing, Real Time Processing और Distributed Operating System का इस्तेमाल किया गया | उच्च गति वाले Computer Network जैसे LAN, WAN का विकास इस पीढ़ी में हुआ | ऑपरेटिंग सिस्टम में MS-DOS, MS-Windows तथा Apple Operating System का विकास तथा C, C ++ Language का अविष्कार भी चतुर्थ पीढ़ी में हुआ | 

पंचम पीढ़ी | Fifth Generation Computers (1989 to Present)

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के समय एक तकनीक उभर कर आई जिसे ULSI (Ultra Large Scale Integration) कहा जाता है, जिसके अंतर्गत माइक्रोप्रोसेसर चिप में 10 लाख तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को शामिल किया जा सकता है |  इस पीढ़ी में कृत्रिम बुद्धि Artificial Intelligence, की अवधारणा, वॉइस रिकग्निशन Voice Recognition, मोबाइल संचार, सैटेलाइट संचार, सिग्नल डाटा प्रोसेसिंग को आरम्भ किया गया | पंचम पीढ़ी के समय ही नेटवर्किंग के क्षेत्र में इंटरनेट, ई-मेल और www (world wide web) तथा प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में JAVA, VB और .NET जैसी उच्च स्तरीय भाषाओँ का निर्माण हुआ | 
कंप्यूटर मशीनों के विकास के क्षेत्र में प्रगति के कारण कंप्यूटर व्यापक व उपयोगी हो गया है और हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा रहा है | नियमित रूप से चल रहे अनुसंधान और विकास के कारण हमें समय गुजरने के साथ-साथ और भी नई तकनीकों और अनुभवों का लाभ मिलेगा | आशा है आपको कंप्यूटर के विकास के बारे में लिखी गयी जानकारी पसंद आयी तो आप इसे अपने मित्रों के साथ भी शेयर करेंगे | 

Thursday, January 4, 2018

Basics and Use of Computer | कंप्यूटर का परिचय एवं उपयोग

Computer Gyan ब्लॉग में आपका स्वागत है | पेश है आपके लिए कंप्यूटर के परिचय से सम्बंधित पहली पोस्ट, आशा है आपको पसंद आएगी | वर्तमान युग कंप्यूटर का युग है | घर हो या दफ्तर, दुकान हो या मॉल, अस्पताल इत्यादि प्रत्येक स्थान पर कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है | कंप्यूटर की सहायता से विभिन्न काम जैसे नौकरी की तलाश करना, किसी उत्पाद की जानकारी प्राप्त करना, शिक्षा संबंधी कार्य या फिर कहीं घूमने की योजना तैयार करना आदि काम घर बैठे किये जा सकते हैं |

कंप्यूटर : एक परिचय (Computer : An Introduction  )

 कंप्यूटर ज्ञान प्राप्त करने से पहले हमें यह जानना जरुरी होता है की कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर का उपयोग क्या है? अतः इस जानकारी को पढ़ कर आप कंप्यूटर के बारे में जान पाएंगे |  कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन (electronic machine) है जो डाटा तथा निर्देशों को इनपुट के रूप में ग्रहण करता है, उनका विश्लेषण करता है तथा आउटपुट के रूप में परिणामों को विशेष प्रारूप में प्रदान करता है | यह डाटा के भण्डारण तथा तीव्र गति और त्रुटि रहित ढंग से उसके विश्लेषण का कार्य भी करता है | अर्थात हम कह सकते हैं की "कंप्यूटर एक मशीन है जो यूजर द्वारा दिए गए कमांड को लेकर गणना करके विशेष फॉर्मेट में परिणाम प्रदान करता है |"
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Computer Introduction and Use 

कंप्यूटर का उपयोग (Use of Computer)

आजकल कंप्यूटर का उपयोग राजकीय उपक्रमों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, व्यापर, तकनिकी संस्थानों, चिकित्सा क्षेत्रों, शिक्षा, उद्योग-धन्धों, कल-कारखानों, सरकारी नीतियों में बहुतायत से किया जा रहा है | पर्सनल कंप्यूटर गणना, डिज़ाइन और प्रकाशन प्रयोजनों के लिए छात्रों, इंजीनियरों, रचनात्मक लेखकों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है | कंप्यूटर ने सिखने की प्रक्रिया को भी बढ़ाया है | आजकल विद्यार्थी बस में चलते चलते अथवा घर पर बैठे-बैठे भी दुनिया की जानकारी कंप्यूटर के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं | लोग अब पूछताछ, बैंकिंग, शॉपिंग और कई अनेक प्रकार के कार्यों के लिए कंप्यूटर का प्रयोग करने लगे हैं |

कंप्यूटर की विशेषताएँ (Features of Computer)

  1. गति (Speed) : कंप्यूटर बहुत ही उच्च गति पर डाटा को प्रोसेस करता है | कंप्यूटर डाटा की बड़ी मात्रा को संसाधित (processing) करने में कुछ ही सेकंड का वक़्त लेता है अर्थात एक लाख निर्देशों को एक सेकंड में संसाधित किया जा सकता है | इसलिए कंप्यूटर की गति बहुत तेज होती है | 
  2. शुद्धता (Accuracy) : कंप्यूटर द्वारा दिए गए परिणाम पूर्णरूप से शुद्ध होते हैं | यदि कंप्यूटर में सही डाटा दर्ज किया गया है तो प्राप्त परिणाम एकदम सटीक होगा | कंप्यूटर GIGO (Garbage In Garbage Out) के सिद्धांत पर कार्य करता है | अर्थात जो हम कंप्यूटर को देंगे हमें वापस वही प्राप्त होगा | 
  3. उच्च भण्डारण क्षमता (High Storage Capacity) : कंप्यूटर की मेमोरी बहुत ही विशाल होती है, और बहुत ही (compact) हल्के ढंग से डाटा की बड़ी मात्रा को संग्रहित किया जा सकता है | कोई भी जानकारी या डाटा कंप्यूटर में लम्बे समय तक स्टोर रहता है | इस सुविधा के साथ पुनरावृत्ति से बचा जा सकता है | 
  4. विविधता (Diversity) : कंप्यूटर अनेक प्रकार के कार्यों को करने में उपयोग किया जा सकता है, जैसे की पत्र लिखने, पत्रक तैयार करने, संगीत सुनने, वस्तु सूचि के प्रबंधन में, बैंकिंग में, अस्पताल प्रबंधन में और भी कई प्रकार के कार्यों में कंप्यूटर का उपयोग होता है | 
  5. परिश्रमशीलता (Diligence) : एक मशीन होने के कारण कंप्यूटर थकन, एकाग्रता और बोरियत से ग्रसित नहीं होता | कंप्यूटर में जिस गति से शुरू में कार्य होता है अंत तक वही गति सभी कार्य करने में जारी रहती है |